चित्रकूट, संत रणछोड़ दास जी महाराज द्वारा संस्थापित श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री सदगुरु नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट ने नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व पटल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, अर्थात नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है। ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं निदेशक डॉ इलेश जैन ने बताया कि सदगुरु नेत्र चिकित्सालय आज नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व ख्याति प्राप्त नेत्र चिकित्सालय बन चुका है। इस ख्याति प्राप्त के पीछे पूज्य गुरुदेव भगवान की प्रेरणा और स्व. अरविंद भाई मफ़त लाल, स्व पद्मश्री डॉ बीके जैन का वीजन, सोच,समर्पण, त्याग एवं सदगुरु परिवार के एक एक सदस्य एक एक कार्यकर्ता की मेहनत और लगन का फल है। उन्होंने बताया कि भगवान अपने वनवास काल में सबसे ज्यादा समय चित्रकूट में ही व्यतीत कर यहां के लोगों की सेवा किया इसीलिए पूज्य गुरुदेव ने इस तपोभूमि में मानव सेवा का बीज बोया। साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे ट्रस्ट के अध्यक्ष विशद भाई मफ़त लाल एवं उनकी धर्म पत्नी रूपल बेन मफ़त लाल कि सोच है कि हमारे नेत्र चिकित्सालय की शाखाएं हर पवित्र तीर्थ स्थान पर होनी चाहिए जिससे वहां के लोगों को और वहां आने जाने वाले श्रद्धालुओं की आँखों का बेहतर ईलाज हो सके साथ ही देश के अंधत्व निवारण में मदद का काम भी हो सके। इसी सोंच को साकार करने के लिए भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी(बनारस)/ वाराणसी में सदगुरु नेत्र चिकित्सलय की स्थापना की गई, जो लगभग लगभग बनकर तैयार हो चुका है और जल्द ही उसका भव्य शुभारंभ भी होने वाला है। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से आधुनिकता को ध्यान रखते हुए इसे बनाया गया है, साथ ही नेत्र रोग से संबंधित हर रोग का ईलाज भी होगा और हर नेत्र रोग के नेत्र विशेषज्ञ भी मौजूद रहेगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद के साथ साथ रेटीना विभाग , कार्निया विभाग, ग्लूकोमा विभाग, ऑक्लोप्लास्टी विभाग सहित आई बैंक पुतली प्रत्यारोपण ,आधुनिक ऑपरेशन थियेटर आदि नेत्र रोग से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध रहेगी, साथ ही काशी जनपद के आस पास 24 सदगुरु नेत्र जांच केंद्र भी खोले जाएंगे जिससे ग्रामीण अंचल के लोगों को सुविधा मिलेगी।इस नेत्र चिकित्सालय के बन जाने से बनारस और बनारस के आसपास के लोगों सहित बनारस आने जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी लाभ मिलेगा। वहीं जब डॉ इलेश जैन से उनके खुद के बारे में पूंछा गया कि आप कभी काशी कभी चित्रकूट इतनी कड़ी मेहनत आप कैसे कर लेते है तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जिन पर पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद हो और उनकी प्रेरणा हो उनके लिए न तो कोई कार्य कठिन है और न ही कोई कड़ी मेहनत है, फिर उन्होंने कहा कि स्व.पद्मश्री डॉ बी के जैन अक्सर सबको कहा करते थे कि हर काम के लिए विजन और मिशन साफ होना चाहिए तभी हमको जो काम सौंपा गया है उसको हम एक नए आयाम तक पहुंचा सकते है, बस इसी उद्देश्य से हम काम करते है बांकी करने वाले तो सब पूज्य गुरुदेव है हम सब तो एक निमित्त मात्र है।
काशी में भी आधुनिक सुविधाओं से लैस नेत्र चिकित्सालय बनकर हुआ तैयार जल्द ही होगा भव्य शुभारंभ, डॉ इलेश जैन

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