नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आज कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर प्रस्तावित जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुबह उपलब्ध ताजा समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मध्य दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है, जबकि आयोजकों ने आंदोलन करने की बात कही है। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं।
30 स्थानों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 10 अक्टूबर को सुबह छह बजे से राजधानी के 30 प्रमुख स्थानों पर संभावित यातायात प्रतिबंधों और मार्ग परिवर्तन की एडवाइजरी जारी की है। कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, संसद मार्ग, मंडी हाउस, धौलाकुआं, झंडेवालान और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले कुछ रास्तों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधों में मौके की स्थिति के अनुसार बदलाव किया जाएगा। यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
45 मेट्रो स्टेशन के प्रवेश-निकास पर रोक
आंदोलन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने की जानकारी सुबह की रिपोर्टों में सामने आई है। अलग-अलग समाचार माध्यमों में प्रतिबंधित स्टेशनों की संख्या को लेकर अंतर भी है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन से संबंधित रेल सेवाओं पर भी प्रतिबंधों तथा कुछ ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबरें हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले दिल्ली मेट्रो रेल निगम और रेलवे की आधिकारिक सूचना अवश्य देख लें।
पुलिस निगरानी में ड्रोन और बॉडी कैमरे
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे उपलब्ध कराने, ड्रोन से निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात करने की खबरें हैं। पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय घटना को रोकना है। प्रदर्शनकारियों की संभावित आवाजाही को देखते हुए प्रमुख चौराहों और सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास भी निगरानी बढ़ाई गई है। नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा संबंधी प्रतिबंध लागू होने की भी खबर है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव
आंदोलनकारी मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों और कुछ छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग और भाजपा ने मतदाता सूची में राजनीतिक हस्तक्षेप तथा हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है। इस विवाद ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद परिवहन प्रतिबंध चर्चा में
मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और रेल सेवाओं पर रोक के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बाधित करने के औचित्य पर चिंता जताई है। अदालत की टिप्पणी के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की आवाजाही के अधिकार के बीच संतुलन का सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। नई दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाए जाने की खबरें भी हैं।
शनिवार सुबह तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त है और यातायात व सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, आंदोलन में वास्तव में कितने लोग पहुंचे, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या स्थिति बनी तथा दिनभर में प्रतिबंधों में क्या बदलाव हुआ, इसकी पुष्टि के लिए आगे के लाइव अपडेट और आधिकारिक सूचनाएं आवश्यक हैं। राजधानी की मौजूदा स्थिति पर दिनभर देशभर की नजर रहेगी।
जंतर-मंतर आंदोलन से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, 45 मेट्रो स्टेशन बंद; 30 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन

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